Why do doctors recommend eating coarse grains in winter Know the many benefits of consuming it | सर्दी में डॉक्टर क्यों देते हैं मोटा अनाज खाने की सलाह? जानिए इसके सेवन के अनेक फायदे

TV9 Bharatvarsh | Edited By: वेंकटेश कुमार

Updated on: Dec 22, 2022 | 3:38 PM

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता कहती हैं, मोटे अनाज में जौ, बाजरा, मक्का आदि शामिल होता है. इस अनाज की तासीर गर्म होती है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय दल की बैठक में बेहतर स्वास्थ्य के लिए मोटे अनाज और खेलों की अहमियत पर बल दिया और सांसदों से इन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करने को कहा. वहीं, संसद भवन में दोपर के भोजन के रूप में सांसदों के लिए मोटे अनाज के व्यंजन परोसे गए. दरअसल, सरकार का मानना है कि मोटे अनाज खाने से जहां लोग स्वस्थ्य रहेंगे, वहीं इसकी खेती करने वाले किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय दल की बैठक में बेहतर स्वास्थ्य के लिए मोटे अनाज और खेलों की अहमियत पर बल दिया और सांसदों से इन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करने को कहा. वहीं, संसद भवन में दोपर के भोजन के रूप में सांसदों के लिए मोटे अनाज के व्यंजन परोसे गए. दरअसल, सरकार का मानना है कि मोटे अनाज खाने से जहां लोग स्वस्थ्य रहेंगे, वहीं इसकी खेती करने वाले किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी.

यही वजह है कि केंद्र सरकार मोटे अनाज के उपयोग पर फोकस कर रही गहै. ऐसे भी घर के बड़े-बुजुर्ग सर्दी में मोटा अनाज खाने की सलाह देते हैं. वहीं, आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं कि ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने में भोजन भी अहम रोल अदा करता है. खाने की तासीर भी शरीर को ठंड से बचाने में मदद करती है. इसके लिए मोटा अनाज खाने की सलाह दी जाती है.

यही वजह है कि केंद्र सरकार मोटे अनाज के उपयोग पर फोकस कर रही गहै. ऐसे भी घर के बड़े-बुजुर्ग सर्दी में मोटा अनाज खाने की सलाह देते हैं. वहीं, आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं कि ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने में भोजन भी अहम रोल अदा करता है. खाने की तासीर भी शरीर को ठंड से बचाने में मदद करती है. इसके लिए मोटा अनाज खाने की सलाह दी जाती है.

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्‍ता कहती हैं, मोटे अनाज में जौ, बाजरा, मक्‍का आदि शामिल होता है. इस अनाज की तासीर गर्म होती है. ये शरीर में पहुंचकर गर्माहट देते हैं. सर्दी में मोटा अनाज खाने की सबसे बड़ी वजह यही है. इनमें कई तरह के पोषक तत्‍व होते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं. जैसे- फायबर. यह पेट के लिए सबसे बेहतर और सबसे जरूरी है.

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्‍ता कहती हैं, मोटे अनाज में जौ, बाजरा, मक्‍का आदि शामिल होता है. इस अनाज की तासीर गर्म होती है. ये शरीर में पहुंचकर गर्माहट देते हैं. सर्दी में मोटा अनाज खाने की सबसे बड़ी वजह यही है. इनमें कई तरह के पोषक तत्‍व होते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं. जैसे- फायबर. यह पेट के लिए सबसे बेहतर और सबसे जरूरी है.

सर्दियों की डाइट में मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी को जरूर शामिल करना चाहिए. इनसे कई तरह की डिश बनाई जा सकती हैं. जैसे- दलिया, रोटी और डोसा. इसके अलावा बाजरे का खीचड़ा, बाजरे की रोटी भी खानपान में शामिल की जा सकती है. खास बात है कि मोटे अनाज में फायबर अध‍िक होता है और वजन को भी कंट्रोल करने में मदद करते हैं. हालांकि इसमें घी का इस्‍तेमाल सीमित रखें.

सर्दियों की डाइट में मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी को जरूर शामिल करना चाहिए. इनसे कई तरह की डिश बनाई जा सकती हैं. जैसे- दलिया, रोटी और डोसा. इसके अलावा बाजरे का खीचड़ा, बाजरे की रोटी भी खानपान में शामिल की जा सकती है. खास बात है कि मोटे अनाज में फायबर अध‍िक होता है और वजन को भी कंट्रोल करने में मदद करते हैं. हालांकि इसमें घी का इस्‍तेमाल सीमित रखें.

भारत सरकार के अनुसार, मिलेट (ज्वार, बाजरा, रागी आदि) में देश की पोषण संबंधी सुरक्षा में योगदान देने की बहुत अधिक क्षमता है. ऐसे में हम कह सकते हैं कि मोटे अनाजों में न केवल पोषक तत्त्वों का भंडार है बल्कि ये जलवायु लचीलेपन वाली फसलें भी हैं और इनमें अद्भुत पोषण संबंधी गुणों का भी भंडार है.

भारत सरकार के अनुसार, मिलेट (ज्वार, बाजरा, रागी आदि) में देश की पोषण संबंधी सुरक्षा में योगदान देने की बहुत अधिक क्षमता है. ऐसे में हम कह सकते हैं कि मोटे अनाजों में न केवल पोषक तत्त्वों का भंडार है बल्कि ये जलवायु लचीलेपन वाली फसलें भी हैं और इनमें अद्भुत पोषण संबंधी गुणों का भी भंडार है.


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