Walnut farming can make you rich | एक बार शुरू करें खेती और 30 साल तक कमाते रहें मुनाफा, जानें इस फसल की खासियत

अखरोट की खेती के लिए समय पर सिंचाई भी बहुत जरूरी है. अखरोट के पौधे की सर्दियों में 20-30 दिन बाद सिंचाई करनी होती है.

TV9 Bharatvarsh | Edited By: वेंकटेश कुमार

Updated on: Nov 25, 2022, 9:45 AM IST

किसानों के बीच ऐसी धारणा रहती है कि वे धान, गेहूं और चना जैसी पारंपरिक फसलों की खेती कर ही अच्छी कमाई कर सकते हैं. लेकिन ऐसी बात नहीं है, अगर वे चाहें तो अखरोट की खेती कर के भी लाखों में कमाई कर सकते हैं. ऐसे भी अखरोट धान, गेहूं और चना के मुकाबले महंगा बिकता है. साथ ही मार्केट में भी इसकी अच्छी डिमांड है.

किसानों के बीच ऐसी धारणा रहती है कि वे धान, गेहूं और चना जैसी पारंपरिक फसलों की खेती कर ही अच्छी कमाई कर सकते हैं. लेकिन ऐसी बात नहीं है, अगर वे चाहें तो अखरोट की खेती कर के भी लाखों में कमाई कर सकते हैं. ऐसे भी अखरोट धान, गेहूं और चना के मुकाबले महंगा बिकता है. साथ ही मार्केट में भी इसकी अच्छी डिमांड है.

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, अखरोट की खेती गर्म और ठंड दोनों तरह के वातावरण वाले प्रदेश में की जा सकती है. खास बात यह है कि इसकी खेती के लिए 20 से 25 डिग्री के बीच का तापमान ज्यादा अच्छा माना गया है. इतने तापमान वाली जगह पर अखरोट की खेती करने पर बंपर उपज मिलती है. लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि जिस खेत में आप अखरोट के पौधें लगा रहे हैं, वहां पर जलनिकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए.

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, अखरोट की खेती गर्म और ठंड दोनों तरह के वातावरण वाले प्रदेश में की जा सकती है. खास बात यह है कि इसकी खेती के लिए 20 से 25 डिग्री के बीच का तापमान ज्यादा अच्छा माना गया है. इतने तापमान वाली जगह पर अखरोट की खेती करने पर बंपर उपज मिलती है. लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि जिस खेत में आप अखरोट के पौधें लगा रहे हैं, वहां पर जलनिकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए.

बता दें कि अखरोट के पौध भी नर्सरी में तैयार किए जाते हैं. नर्सरी में इसकी पौध तैयार करने के लिए ग्राफ्टिंग विधि का इस्तेमाल किया जाता है. खास कर जुलाई और अगस्त का महीना नर्सरी की तैयारी के लिए बेहतर माना गया है. बीज की रोपाई करने के बाद दो से तीन महीने में इसके पौध तैयार हो जाते हैं. अगर आप चाहें तो इन पौधों को दिसंबर महीने तक पहले से तैयार खेत में लगा सकते हैं.

बता दें कि अखरोट के पौध भी नर्सरी में तैयार किए जाते हैं. नर्सरी में इसकी पौध तैयार करने के लिए ग्राफ्टिंग विधि का इस्तेमाल किया जाता है. खास कर जुलाई और अगस्त का महीना नर्सरी की तैयारी के लिए बेहतर माना गया है. बीज की रोपाई करने के बाद दो से तीन महीने में इसके पौध तैयार हो जाते हैं. अगर आप चाहें तो इन पौधों को दिसंबर महीने तक पहले से तैयार खेत में लगा सकते हैं.

अखरोट की खेती के लिए दोमट मिट्टी अच्छी मानी गई है. मिट्टी भुरभुरी हो तो और अच्छी बात है. इस तरह की मिट्टी में अखरोट की फसल अच्छी उपज देती है. वहीं, अखरोट की खेती के लिए समय पर सिंचाई भी बहुत जरूरी है. अखरोट के पौधे की गर्मियों में हर सप्ताह तथा सर्दियों में 20-30 दिन बाद सिंचाई करनी होती है. इसके पौधे को पूरी तरह से विकसित होने में 7-8 महीने का वक्त लगता है. यह 4 साल बाद ही फल देना शुरू कर देता है. इसके बाद यह तकरीबन 25-30 साल तक उत्पादन देता रहेगा.

अखरोट की खेती के लिए दोमट मिट्टी अच्छी मानी गई है. मिट्टी भुरभुरी हो तो और अच्छी बात है. इस तरह की मिट्टी में अखरोट की फसल अच्छी उपज देती है. वहीं, अखरोट की खेती के लिए समय पर सिंचाई भी बहुत जरूरी है. अखरोट के पौधे की गर्मियों में हर सप्ताह तथा सर्दियों में 20-30 दिन बाद सिंचाई करनी होती है. इसके पौधे को पूरी तरह से विकसित होने में 7-8 महीने का वक्त लगता है. यह 4 साल बाद ही फल देना शुरू कर देता है. इसके बाद यह तकरीबन 25-30 साल तक उत्पादन देता रहेगा.

फिलहाल, मार्केट में 700 से 800 रुपये किलो अखरोट का भाव है. इस हिसाब से एक पौधे से ही किसान 2800 रुपये की आमदनी हासिल कर सकते हैं. यदि आपने 100 पौधे लगा रखे हैं, तो आपकी लाखों में आमदनी होगी.

फिलहाल, मार्केट में 700 से 800 रुपये किलो अखरोट का भाव है. इस हिसाब से एक पौधे से ही किसान 2800 रुपये की आमदनी हासिल कर सकते हैं. यदि आपने 100 पौधे लगा रखे हैं, तो आपकी लाखों में आमदनी होगी.


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