Three corona positive patients were found in Khandwa in two days | कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच 500 से ज्यादा संविदा स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर, बढ़ी मुसीबत

खंडवा शहर में कोरोना के मरीज फिर मिलने लगे हैं. शहरी क्षेत्र में दो दिन में तीन कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इनमें संक्रमण के गंभीर लक्षण न होने के कारण इनका होम आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है.

कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच 500 से ज्यादा संविदा स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर, बढ़ी मुसीबत

जिला अस्पताल की ओपीडी में कोरोना सैंपल लिए जा रहे हैं.

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चीन में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत में भी केंद्र सरकार ने कोरोना को लेकर जनता से एहतियात बरतने की बात कही है. जिसके बाद मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भी कोरोना को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. शहर में कोरोना के मरीज फिर मिलने लगे हैं. शहरी क्षेत्र में दो दिन में तीन कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इनमें संक्रमण के गंभीर लक्षण न होने के कारण इनका होम आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक इन तीनों मरीज को सर्दी-खांसी और बुखार आया था. प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने कोरोना जांच की सलाह दी थी.

इनमें कुंडलेश्वर वार्ड की 60 साल की महिला और फतेहपुर गांव की 24 साल की लड़की 15 दिसंबर और कोठी की 48 साल की महिला 17 दिसंबर को पॉजिटिव मिले थे. जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. योगेश शर्मा ने बताया संक्रमित मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है. एक सप्ताह बाद डिस्चार्ज हो जाएंगे. जिला अस्पताल की ओपीडी में कोरोना सैंपल लिए जा रहे हैं. हर दिन ओपीडी में 8 से 10 और फील्ड में जांच करने वाली टीम 50 से 60 सैंपल ले रही हैं. जांच के लिए स्टॉक में सैंपल ले जाने वाला वीटीएम 5 हजार और कोरोना लैब में 3500 जांच किट है.

जिला अस्पताल में तैयारी शुरू

जिला अस्पताल में इलाज की सुविधाओं को फिर से व्यवस्थित करने का काम शुरू किया जा रहा है. अस्पताल के ट्रामा सेंटर में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बना हुआ है. जबकि गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल के ए-ब्लॉक में 30 बेड का आईसीयू वार्ड रिजर्व है. ऑक्सीजन की आपूर्ति ए और बी-ब्लॉक में सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से होगी. ऑक्सीजन के लिए 2600 एलपीएम यानी प्रति मिनट ऑक्सीजन गैस बनाने वाले तीन प्लांट चालू हालत में हैं. वहीं 10 हजार केएल का एक लिक्विड ऑक्सीजन टैंक भी चालू हालत में है. ऑक्सीजन के लिए 500 कंसनटेटर, 2600 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट और एक हजार केएल का लिक्विड ऑक्सीजन टैंक खंडवा जिले में उपलब्ध है. दवाएं भी जिला अस्पताल, सीएमएचओ और मेडिकल कॉलेज के स्टोर में कोरोना की पिछली लहर के मुकाबले स्टॉक में है.

प्रिकॉशन डोज से परहेज कर रहे हैं लोग

जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लगाए जा रहे प्रिकॉशन डोज लगवाने के प्रति लोग गंभीर नहीं हैं. अब तक सिर्फ 24 प्रतिशत लोगों ने ही प्रिकॉशन डोज लगवाए हैं. जिले में पहला टीका 10,68,256 और दूसरा डोज 10,53,225 ने लगवाया. जबकि प्रिकॉशन डोज अब तक केवल 2,52,959 यानी 24.02 फीसदी ने ही लगवाई है. जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिल तंवार ने बताया लोग प्रिकॉशन डोज लगवाने में रूचि नहीं ले रहे हैं. स्टॉक में फिलहाल को वैक्सीन के 2150 डोज हैं.

कोवीशील्ड और कार्बोवैक्स के एक भी डोज नहीं हैं. कोवीशील्ड और कार्बोवेक्स वैक्सीन खत्म हो चुकी है. हालांकि कोवैक्सीन के 2150 डोज स्टॉक में हैं. आने वाले दिनों में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या बढ़ेगी, इसलिए वैक्सीन का 1 स्टॉक होना आवश्यक है.

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से सेवाएं पूरी तरह से ठप

कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा सर पर मंडरा रहा है. ऐसे नाजुक समय में जिले में 566 संविदा अधिकारी, कर्मचारी अपनी प्रमुख मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी,अधिकारी संघ के बैनर तले हड़ताल पर है. जिसमें नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम, आरबीएसके डॉक्टर्स, चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्नीशियन, डॉक्टर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सीएचओ, बीसीएम,बीपीएम, लेखापाल, डीसीएम,डीईआईएम, सभी हड़ताल पर है. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो चुकी है. जिले के सभी वैलनेस सेंटर बंद है.

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181 वैलनेस सेंटरों पर 3620 ओपीडी रोज प्रभावित हो रही है. जिससे टेली कंसल्टेंसी 1800, टीकाकरण के 1200 बच्चे, एनसीडी चेकअप के 3500 मरीज, गंभीर केस 500, टीबी की जांच और फॉलोअप, एचबीपीएनसी चेकअप 2500 मरीजो की जांच और उपचार, दवा वितरण प्रभावित हो रहा है. डिलीवरी पांइट बंद होने से गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल तक लाना पड़ रहा है. इधर हड़ताली अधिकारी, कर्मचारी कलेक्टरेट के बाहर मोर्चा खोल रोजाना नए-नए तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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