The police officer who nabbed bikini killer charles sobhraj is happy with his release au294 | बिकिनी किलर चार्ल्स शोभराज की रिहाई से क्यों खिलखिला रहे उसे दबोचने वाले पुलिस अधिकारी!

जेल से चार्ल्स की रिहाई की बात सुनकर गणेश केसी खुश हैं. वे कहते हैं कि, “सीनियर सिटीजन होने के नाते चार्ल्स की इस रिहाई से उनका खुश होना लाजिमी है. जो जुर्म उसने अंजाम दिया था उसकी सजा उसने नेपाली जेल में यहां के कानून के हिसाब से भुगत-भोग ली है.

बिकिनी किलर चार्ल्स शोभराज की रिहाई से क्यों खिलखिला रहे उसे दबोचने वाले पुलिस अधिकारी!

चार्ल्स शोभराज की पुरानी तस्वीर

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चार्ल्स शोभराज से खतरनाक इंटरनेशनल अपराधी और बिकिनी किलर को गिरफ्तार करने वाले नेपाल पुलिस के पूर्व अधिकारी गणेश केसी, अपने इस मुजरिम की रिहाई से काफी खुश हैं. यह सुनने में पहली नजर में अजीब लग सकता है. आखिर जिस पुलिस अफसर ने कड़ी मेहनत से चार्ल्स शोभराज से मोस्ट-वॉटेड को गिरफ्तार करके दुनिया में तहलका मचा दिया हो, वही पुलिस अधिकारी आखिर ऐसे खतरनाक क्रिमिनल की जेल से रिहाई पर खुश क्यों होगा? आइए जानते ही अंदर की बात, जिसने खुश कर रखा है नेपाल पुलिस के इस पूर्व अधिकारी को.

यह सच्ची कहानी नेपाल पुलिस के उसी अधिकरी गणेश केसी की है जिन्होंने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए, सन् 2003 में चार्ल्स शोभराज को कानूनन सलाखों के पीछे पहुंचाया था. बाद में उसे उम्रकैद की सजा नेपाली सुप्रीम कोर्ट से सुनाई गई थी. सीरियल किलर शोभराज को सन् 1976 में नेपाल में हुई दो पर्यटकों के कत्ल के आरोप में नेपाली कोर्ट में मुकदमा चला था. उसी मामले में बाद में उसे 20 साल की सजा मुकर्रर करके नेपाल की जेल में डाल दिया गया था. ऐसे खतरनाक अपराधी को गिरफ्तार करके सन् 2003 में चर्चाओं में आ जाने वाले नेपाल पुलिस के पूर्व अधिकारी गणेश केसी, चार्ल्स को गिरफ्तार करने के बाद से अब चर्चाओं में तब आए हैं, जब चार्ल्स को नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करके उसे उसके देश वापिस भेजने का आदेश दिया है.

सीनियर सिटीजन होने के नाते चार्ल्स की रिहाई से हूं खुश: गणेश

आमजन का सोचना है कि इस खबर से तो नेपाल पुलिस के इस पूर्व अधिकारी को ‘सकते’ में आ जाना चाहिए था. हो मगर एकदम उसके उलट रहा है. जेल से चार्ल्स की रिहाई की बात सुनकर गणेश केसी खुश हैं. वे कहते हैं कि, “सीनियर सिटीजन होने के नाते चार्ल्स की इस रिहाई से उनका खुश होना लाजिमी है. जो जुर्म उसने अंजाम दिया था उसकी सजा उसने नेपाली जेल में यहां के कानून के हिसाब से भुगत-भोग ली है.” उन्होंने आगे कहा कि, “नेपाली सुप्रीम कोर्ट का चार्ल्स शोभराज को जेल से रिहा करके वापिस उसके देश भेजे जाने का कदम साबित करता है कि, नेपाली कानून और हमारी हुकूमत मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति किस कदर संवेदनशील है. यह खुशी की ही बात है.”
कालांतर के पन्ने पलटते हुए गणेश केसी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि, बचपन में उन्होंने नेपाली नदी (काठमांडू स्थित मनहारा नदी) में जब एक अमेरिकी महिला पर्यटक (कोनी जो ब्रोंजिच) की अधजली लाश अपनी आंखों से देखी तो, उनकी उम्र महज 12 साल थी. शोभराज ने 1976 में ब्रोंजिच और उनके कनाडाई दोस्त लॉरेंट को कत्ल कर डाला था. उस घटना के करीब 27 साल बाद इन्हीं गणेश केसी को नेपाल पुलिस ने चार्ल्स शोभराज को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी. उसी घटना ने गणेश केसी के जासूस बनने के लिए भी प्रेरित किया.

दोहरे हत्याकांड में शोभराज को आरोपी बनाने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं था

जब सन् 2003 में गणेश केसी ने काठमांडू में एक कसीनो से शोभराज को दबोचा तो, गणेश की उम्र 40 साल थी. वे तब नेपाल पुलिस में डिप्टी एसपी (पुलिस उपाधीक्षक) हुआ करते थे. अब उसी खूंखार अपराधी 78 साल के चार्ल्स को नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने जेल से रिहा करने का आदेश दिया है. चार्ल्स शोभराज को नेपाल में सजा सुनाए जाने की कहानी आगे बढ़ाते हुए गणेश केसी बताते हैं कि, “हमारे पास दोहरे हत्याकांड में शोभराज को आरोपी बनाने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं था. लिहाजा हमने उसे पहले तो आव्रजन कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया. फिर सबूतों के आधार पर कत्ल के आरोप में उसे 20 साल की सजा भी मुकर्रर करवा ली. मुझे खूब अच्छी तरह से याद है कि शोभराज के खिलाफ नेपाल मे दो मुकदमे दर्ज किए गए थे. पहला, काठमांडू जिला अदालत में और दूसरा भक्तपुर जिला अदालत में चला. क्योंकि उसने दो अलग अलग इलाकों में दो पर्यटकों को कत्ल कर डाला था. हालांकि शोभराज ने दोनो ही कत्ल में अपना हाथ होने से इनकार कर दिया था. मगर पुख्ता सबूतों के आधार पर नेपाल की कोर्ट ने उसे सजा सुना दी.”

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