Supreme Court Verdict In Bhima Koregaon Case Anand Teltumbde To Be Released After Supreme Court Dismisses NIA plea | भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी आनंद तेलतुम्बडे को SC से बड़ी राहत, NIA की याचिका खारिज

तेलतुम्बडे पर आरोप है कि 31 दिसंबर 2017 को एल्गार परिषद कॉन्क्लेव में उन्होंने भी कथित भड़काऊ बयानबाजी की थी. इसके एक दिन बाद ही भीमा कोरेगांव में वॉर मेमोरियल पर लोग इकट्ठा हुए, जहां हिंसा भड़क गई और एक शख्स की मौत हो गई थी.

भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी आनंद तेलतुम्बडे को SC से बड़ी राहत, NIA की याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट.

Image Credit source: ANI

भीमा कोरेगांव एल्गार परिषद भड़काऊ बयानबाजी मामले में आरोपी आनंद तेलतुंबडे को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसी महीने जमानत दी थी. इसके खिलाफ नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया. तेलतुम्बडे पर आरोप है कि 31 दिसंबर 2017 को एल्गार परिषद कॉन्क्लेव में उन्होंने भी कथित भड़काऊ बयानबाजी की थी. इसके एक दिन बाद ही भीमा कोरेगांव में वॉर मेमोरियल पर लोग इकट्ठा हुए, जहां हिंसा भड़क गई और एक शख्स की मौत हो गई थी.

इस मामले की सुनवाई खुद चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ कर रहे थे. उन्होंने कहा कि “हम इस याचिका को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं.” सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकार रखा, जहां से तेलतुम्बडे को 18 नवंबर को जमानत मिल गई थी. भीमा कोरेगांव मामले को बहुत ही संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में एनआईए ने तेलतुम्बडे की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसके लिए हाई कोर्ट ने उनकी जमानत पर 10 दिनों के लिए रोक लगा दी थी, ताकि एनआईए सुप्रीम कोर्ट जा सके.

जेल से रिहा किए जाएंगे तेलतुम्बडे

एससी ने हाई कोर्ट के फैसले को सही माना और कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणियों का मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वे जमानत देने के उद्देश्य तक ही सीमित रहेंगे. आनंद तेलतुम्बडे फिलहाल जेल में बंद हैं, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वह रिहा किए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट में एनआईए की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (एसजी) ऐश्वर्या भाटी पेश हुईं, जिन्होंने चीफ जस्टिस और हिमा कोहली की बेंच के सामने दलीलें दी. उन्होंने कहा कि एजेंसी ने तेलतुम्बडे और मामले में सह-आरोपी के पास से “आपत्तिजनक सामग्री” बरामद की थी.

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तेलतुम्बडे माओवादी गतिविधियों में रहे शामिल- NIA

एसजी ने कोर्ट में दावा किया कि उन “आपत्तिजनक सामग्रियों” की जांच से पता चला कि तेलतुम्बडे माओवादी गतिविधियों में शामिल थे. वह उस प्रतिबंधित संगठन के सदस्य भी थे, जिसने आम लोगों और खासतौर पर सुरक्षा बलों पर हमले के लिए फंडिंग और तैयारियां की थी. वहीं तेलतुम्बडे की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिबल ने एनआईए के आरोपों को खारिज किया और कहा कि “आपत्तिजनक सामग्री” उनके क्लाइंट के वहां से बरामद नहीं किए गए. उन्होंने कहा कि एजेंसी के पास ऐसा एक भी डॉक्यूमेंट नहीं है, जो यह साबित करे कि तेलतुम्बडे ने पुणे की उस सभा में हिस्सा भी लिया था, जहां कथित रूप से “भड़काऊ बयानबाजी” हुई थी.

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