Shani Dev Will Give Auspicious Results Even In Sadhe Sati And Dhaiya, Know What To Do According To Astrology Shani Sadhe Sati And Dhaiya Ke Upay – Shani Sadhe Sati And Dhaiya: साढ़ेसाती और ढैय्या में भी शनि देव देंगे शुभ फल, ज्योतिष के अनुसार जानें क्या करना होगा

Shani sadhe sati and dhaiya: साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव इस प्रकार कम किए जाते हैं.

Shani sadhe sati and dhaiya: आमतौर पर शनि की साढ़ेसाती का चरण बेहद कष्टकारी माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ढाई-ढाई साल के शनि के 3 चरण होते हैं. साढ़ेसाती के पहले चरण में शनि देव संबंधित जातक के साथ-साथ चलकर उसे भटकाते हैं. इसके बाद शुरू होता है शनि का दूसरा चरण, जिसमें शनि देव जातक के मस्तिष्क को विचलित करते हैं. इसके बाद शनि का आखिरी और तीसरा चरण व्यक्ति को शारीरिक कष्ट पहुंचाता है. हालांकि इन सबसे बावजूद भी शनि देव अपनी साढ़ेसाती और ढैय्या में जातक को शुभ परिणाम दे सकते हैं, हालांकि इसके लिए जातकों को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार निम्न कार्य करना होता है. आइए जानते हैं.

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शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से शांति दिलाते हैं ये उपाय

– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है. ऐसे में प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर में जाकर उन्ही स्तुति और उनके मंत्रों का जाप करना होगा. इसके साथ ही शनिवार को शनि देव के निमित्त मीठी वस्तुओं का दान करना अच्छा रहता है. कहा जाता है कि शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान ऐसा करने से धीरे-धीरे शनि का प्रकोप कम होने लगता है. 

– पंडित लोग बताते हैं कि शनिवार को जरुरतमंदों के बीच पूड़ी और चने का वितरण करने से भी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का असर कम होने लगता है. इसके साथ ही मान्यता यह भी है कि प्रत्येक शनिवार को ऐसा करने से शनि देव नौकरी और व्यापार में भी उन्नति प्रदान करते हैं.

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– ज्योतिष और धर्म शास्त्र के जानकार बताते हैं कि शनि देव साढ़ेसाती और ढैय्या में भी शुभ परिणाम दे सकते हैं. हालांकि इसके लिए रोजाना शनि मंदिर में जातक शनि देव के मंत्रों का जाप करना होगा. साथ ही शनि चालीसा और शनि स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ होगा. 

– शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करना भी एक अच्छा उपाय माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में मान्यता है कि पीपल में जल देने और उसके नीचे दीया जलाने से शनि देव प्रसन्न होकर जातक को साढ़ेसाती और ढैय्या का असर कम कर देते हैं.

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– ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के प्रकोप को दूर करने के लिए संबंधित रत्न धारण करने की भी सलाह देते हैं. ऐसे में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए ‘लोहे का छल्ला’ धारण करने की सलाह देते हैं.  यानी लोहे का छल्ला धारण करने से भी शनि का प्रकोप कम होता है.

       

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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