Shane warne heart attack happen due to covid19, know what experts say | शेन वार्न को आए हार्ट अटैक की वजह था कोविड-19? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

एक्सपर्ट्स का कहना है कि SARS-CoV-2 वायरस सीधे शरीर पर आक्रमण कर सकता है, जिससे सूजन हो सकती है. यह हृदय को प्रभावित कर सकता है, जिससे मायोकार्डिटिस हो सकता है.

शेन वार्न को आए हार्ट अटैक की वजह था कोविड-19? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

शेन वॉर्न का कई महीनों पहले हुआ था निधन

Image Credit source: aajtak.in

इस साल मार्च में, प्रसिद्ध ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर, 52 वर्षीय शेन वार्न का संभावित दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वार्न के मैनेजमेंट द्वारा जारी एक संक्षिप्त बयान के अनुसार, वार्न का निधन Thailand के Koh Samui में हो गया. इस बारे में विस्तार से बात करते हुए, वार्न के प्रबंधक, जेम्स एर्स्किन ने बताया कि क्रिकेटर अपनी असामयिक मृत्यु से पहले ‘अजीब डाइट’ पर थे. एर्स्किन के अनुसार, वार्न 14 दिनों के लिक्विड डाइट पर थे, जहां उन्होंने तरल पदार्थों के अलावा कुछ नहीं खाया. उन्होंने यह भी कहा कि दिग्गज स्पिनर ने पहले भी इस तरह के क्रैश डाइट का पालन किया था.

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ नॉर्मन स्वान ने ABC News को बताया, “शेन वार्न के शरीर में हृदय रोग के लिए काफी रिस्क फैक्टर्स थे, लेकिन अगर उन्हें COVID के कारण अतिरिक्त सूजन होती, तो यह उनके लिए काफी घातक साबित हो सकती है.”

डॉक्टरों ने COVID के बाद दिल के दौरे के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखे जाने की सूचना दी है. फरीदाबाद के सेक्टर 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले एक साल में इन घटनाओं में एक-चौथाई से अधिक की वृद्धि हुई है.

सर्वोदय अस्पताल में कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ एल के झा ने कहा, “COVID-19 महामारी के बाद, संक्रमित लोगों में दिल के दौरे की घटनाओं में 25-30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. COVID के कारण अस्पताल में भर्ती होने या वेंटिलेटर पर रहने वाले मरीज़ अब दिल की जटिलताओं के प्रति अधिक संवेदनशील हैं, और हम ऐसे मामलों में काफी वृद्धि देख रहे हैं.”

COVID-19 दिल को दो तरह से करता है प्रभावित

डॉ. झा ने कहा, “COVID दो तरह से हृदय को प्रभावित करता है. पहला, हृदय की मांसपेशियों का सीधा संक्रमण, जिसके कारण यह कमजोर हो जाता है, जिससे हृदय गति रुक जाती है.”

“दूसरा यह कि COVID के बाद संक्रमण का हल्का रूप कई महीनों तक शरीर में रहता है. धमनियों में सूजन बनी रहती है, जिससे हृदय के अंदर क्लॉट्स बनने की संभावना होती है. इसके परिणामस्वरूप दिल का दौरा और अन्य जटिलताएं होती हैं. ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहाँ कठिन एक्सरसाइज करने के बाद लोगों को अचानक दिल का दौरा पड़ा है. इन मामलों में, दिल की मांसपेशियों में लंबे समय तक कोविड के कारण सूजन हो सकती है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है, ” उन्होंने विस्तार में बताया.

COVID-19 के कारण हो सकती है हृदय की मांसपेशियों में सूजन, हो सकती है इंजरी

SARS-CoV-2 वायरस सीधे शरीर पर आक्रमण कर सकता है, जिससे सूजन हो सकती है. यह हृदय को प्रभावित कर सकता है, जिससे myocarditis और pericarditis हो सकता है, जिसमे हृदय की मांसपेशियों में या हृदय की बाहरी परत में सूजन हो जाती है. COVID की सूजन के कारण क्लॉट भी बन सकता है, जो हृदय या मस्तिष्क की आर्टरी में बाधा बन सकता है, जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक हो सकता है.

COVID-19 हृदय की गति में असामन्यता, पैरों और फेफड़ों में ब्लड क्लॉट, और हृदय गति के रुकने का कारण भी बन सकता है. COVID हृदय की सूजन का कारण कैसे बनता है, और हृदय की मांसपेशियों को चोट कैसे पहुंचाता है, इस बारे में हमारी समझ स्पष्ट होती जा रही है, हालांकि सीखने के लिए और भी बहुत कुछ है. जुलाई में प्रकाशित लॉन्ग कोविड पर एक अध्ययन में COVID के बाद दिल में पैल्पिटेशन होना, हृदय गति का तेज या धीमा हो जाना, सीने में दर्द, दिखाई देने वाली उभरी हुई नसें, और बेहोशी सहित सामान्य हृदय रोग संबंधी कई लक्षण पाए गए.

ब्लड टेस्ट के माधयम से सूजन के लक्षणों का चल सकता है पता

डॉ झा ने बताया कि जो लोग COVID के गंभीर रूप से ग्रसित थे, उन्हें काफी एहतियात बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा, “COVID से ठीक हो चुके मरीजों में हृदय की समस्याओं की भविष्यवाणी करना मुश्किल है. लेकिन ऐसे कुछ रक्त परीक्षण हैं जो ESR और High-sensitivity C-reactive Protein (hs-CRP) जैसे सूजन के लक्षणों को मापते हैं, जिससे यह पता चलता है कि शरीर में संक्रमण का कोई रूप अभी भी मौजूद है या नहीं, और जोखिम कितना है.”

डॉ झा ने COVID संक्रमण होने के बाद अगले छह महीने तक कोई भी कठिन एक्सरसाइज नहीं करने की सलाह दी; तेज चलने या हल्की जॉगिंग जैसे हल्के एक्सरसाइज करना ही उचित है. उन्होंने निष्कर्ष में कहा, “वेट-लिफ्टिंग या अत्यधिक ट्रेडमिल जैसे किसी भी प्रकार के strength training एक्सरसाइज में शामिल न हों, क्योंकि आपका दिल अभी भी कमजोर हो सकता है.”

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