Qatar has told india no invitation was extended to zakir naik to attend fifa world cup 2022 | जाकिर नाइक को फीफा वर्ल्ड कप में बुलाया? कतर ने भारत को दिया ये जवाब

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कतर ने भारत को बताया है कि विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक को फीफा विश्व कप 2022 में भाग लेने के लिए कोई निमंत्रण नहीं दिया गया था.

जाकिर नाइक को फीफा वर्ल्ड कप में बुलाया? कतर ने भारत को दिया ये जवाब

जाकिर नाइक को भारत और बांग्‍लादेश समेत 5 देशों ने बैन कर रखा है

भारत सरकार ने कहा है कि उसने कतर के सामने विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के मुद्दे को उठाया है. दरअसल, ये खबरें सामने आई थीं कि कतर ने भारत की ओर से भगोड़ा घोषित जाकिर नाइक को फीफा विश्व कप में आमंत्रित किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जाकिर नाइक के वॉन्टेड होने का मुद्दा कतर के सामने उठाया गया है. कतर ने भारत से कहा है कि जाकिर नाइक को फीफा विश्व कप 2022 में भाग लेने के लिए कोई निमंत्रण नहीं दिया गया.

इससे पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 22 नवंबर को इस मसले पर कहा था कि उन्हें विश्वास है कि भारत इस मामले पर संबंधित अधिकारियों के सामने कड़े शब्दों में अपने विचार प्रकट करेगा. आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री पुरी ने हालांकि साथ ही यह भी कहा था कि उन्हें नाइक को निमंत्रण दिए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

भारत ने कही दो टूक बात

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की खबर के अनुसार, मोदी सरकार ने दोहा को स्पष्ट रूप से बता दिया था कि यदि नाइक को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किए जाने की रिपोर्ट सही है को भारत फीफा विश्व कप उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की यात्रा को रद्द करने के लिए मजबूर हो जाएगा.

कतर ने राजनयिक चैनलों के माध्यम से भारत को सूचित किया कि प्रतिबंधित इस्लामिक उपदेशक को कोई निमंत्रण नहीं दिया गया था और भारत के साथ संबंध खराब करने के लिए यह पूरा गलत अभियान चलाया जा रहा था. धनखड़ ने 20 नवंबर को कार्यक्रम में भाग लिया था.

2016 में भारत से भाग गया था जाकिर नाइक

नाइक कथित तौर पर 2016 में भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था, जहां उसे स्थायी निवास प्रदान किया गया. भारत मलेशिया से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध कर चुका है. नाइक भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और हेट स्पीच के आरोपों में वॉन्टेड है. वह 2016 में ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद भारत से भाग गया था. इस हमले में 22 लोग मारे गए थे. आतंकियों ने कहा था कि वे जाकिर नाइक के प्रशंसक थे. उस साल केंद्र ने उस पर और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था.


इस साल मार्च में गृह मंत्रालय ने उसके आईआरएफ को यूएपीए के तहत एक गैरकानूनी संगठन घोषित किया था. माना जाता है कि वह 2020 के दिल्ली दंगों में शामिल था. हेट स्पीच के लिए उसे यूके और कनाडा में प्रतिबंधित कर दिया गया है.

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(भाषा इनपुट के साथ)

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