PMGKAY Free Ration Scheme Govt Spend 3 9 Lakh Crore Till Date Record Purchase On MSP ONORC Benefitted Poor | सुपर पॉवर बना इंडिया, 80 करोड़ गरीबों को बांटा मुफ्त राशन, अब तक खर्च हुए इतने लाख करोड़

PMGKAY Free Ration: कोविड महामारी के प्रकोप से बचाने के लिए भारत सरकार ने अप्रैल 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की थी. इस योजना पर सरकार ने अब तक के खर्च का ब्योरा जारी किया है. पढ़ें ये खबर…

सुपर पॉवर बना इंडिया, 80 करोड़ गरीबों को बांटा मुफ्त राशन, अब तक खर्च हुए इतने लाख करोड़

कोविड महामारी के प्रकोप से बचाने के लिए भारत सरकार ने अप्रैल 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की थी. इस योजना पर सरकार ने अब तक के खर्च का ब्योरा जारी किया है.

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Govt. Free Ration Scheme: देश के 80 करोड़ गरीबों को कोविड महामारी से बचाने के लिए भारत सरकार ने एक ‘भगीरथ प्रयास’ किया. केन्द्र सरकार ने अप्रैल 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की. तब से लगातार चल रही इस योजना के तहत देश के गरीबों को मुफ्त राशन मिल रहा है. इस तरह भारत अपनी एक बड़ी आबादी को भुखमरी से बचाकर सुपर पॉवर की तरह उभरा है. गुरुवार को सरकार ने इस योजना पर अब तक हुए खर्च का ब्योरा दिया है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अप्रैल 2020 से अब तक 3.9 लाख करोड़ रुपये का मुफ्त खाद्यान्न पात्र लोगों को उपलब्ध कराया है.

7 बार बढ़ाया जा चुकी है योजना

पीएमजीकेएवाई योजना अप्रैल 2020 में शुरू की गई थी, इसे कोविड काल में गरीबों की मदद के लिए शुरू किया गया था. हालांकि बाद में कोविड की कई लहरों के चलते इसकी मियाद को कई बार बढ़ाया गया है. सितंबर के अंत में इस योजना को दिसंबर 2022 (सातवां चरण) तक तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया गया.

योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से हर महीने 80 करोड़ गरीबों को पांच किलो गेहूं और चावल मुफ्त दिया जाता है. यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आपूर्ति की किए जाने वाले खाद्यान्न से अलग मात्रा है.

लाखों टन खाद्यान्न हुआ आवंटित

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से संबंधित उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पीएमजीकेएवाई को कोविड-19 महामारी के कारण हुए आर्थिक व्यवधान के चलते गरीबों को होने वाली कठिनाइयों को दूर करने और खाद्य सुरक्षा पर इसके प्रभाव को कम करने के लिए शुरू किया गया था.

एक सरकारी बयान के अनुसार मंत्री ने कहा कि पीएमजीकेएवाई के तहत अब तक 3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक के खर्च के साथ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 1,118 लाख टन खाद्यान्न आवंटित किया गया है. वहीं सरकार ने वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 2.75 लाख करोड़ रुपये की फसलों की रिकॉर्ड खरीद की है.

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एक देश, एक राशन कार्ड का मिला फायदा

नरेंद्र सिंह तोमर ने ये जानकारी भी दी कि सरकार की महत्वाकांक्षी एक देश एक राशन कार्डयोजना से देशभर के गरीबों को काफी राहत मिली है. एक देश एक राशन कार्ड (ONORC) की प्रगति के बारे में उन्होंने कहा कि इसे सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया गया है, जिसमें लगभग 80 करोड़ एनएफएसए लाभार्थी शामिल हैं. अगस्त 2019 में ओएनओआरसी योजना शुरू होने के बाद से 93 करोड़ से अधिक पोर्टेबिलिटी लेनदेन पंजीकृत किए गए हैं, जिसमें 177 लाख टन से अधिक खाद्यान्न वितरित किया गया है. वर्ष 2022 के दौरान, 11 महीनों में 39 करोड़ पोर्टेबिलिटी लेनदेन किए गए, जिसमें 80 लाख टन से अधिक खाद्यान्न वितरित किया गया है.

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