Odisha: Questions raised on encounter of Maoists, villagers claim killed women are traders | ओडिशा: माओवादियों के एनकाउंटर पर उठे सवाल, गांव वालों का दावा- महिला व्यापारियों को मारा

स्थानीय लोगों ने पुलिस के दावों का विरोध किया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दोनों एक छोटे तबके की मारिजुआना व्यापारी थीं जो एक ‘फर्जी’ मुठभेड़ में मारी गईं.

ओडिशा: माओवादियों के एनकाउंटर पर उठे सवाल, गांव वालों का दावा- महिला व्यापारियों को मारा

सेना के जवान

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छत्तीसगढ़ की दो इनामी महिला माओवादियों को ओडिशा के माओवादी विरोधी बल ‘स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप’ ने मार गिराया है. दोनों माओवादियों पर कथित रूप से चार लाख रुपए का इनाम था. पुलिस ने बताया कि दोनों को गुरुवार को एक मुठभेड़ में मार गिराया गया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और माओवादियों के बीच खपराखोल थाना क्षेत्र के जल महादेव मंदिर के पास एक जंगल में आधे घंटे तक मुठभेड़ हुई.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खुफिया जानकारी के आधार पर स्पेशल ग्रुप के अधिकारियों ने एक सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां वे दोनों धड़ी गईं. पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद दो महिला माओवादियों के शव बरामद किए गए. अधिकारियों के मुताबिक ये दोनों ही एरिया कमेटी मेंबर रैंक की हैं और छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं. दोनों महिला माओवादी बलांगीर-बारगढ़-महासमुद डिविजन से ताल्लुक रखती हैं.

स्थानीय ने लगाया फर्जी मुठभेड़ का आरोप

ऑपरेशन के बाद पुलिस ने बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पिछले हफ्ते, कोरापुट जिले के बोईपरिगुडा जंगलों में एक मुठभेड़ में दो माओवादी मिलिशिया मारी गई थी. हालांकि स्थानीय लोगों ने पुलिस के दावों का विरोध किया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दोनों एक छोटे मारिजुआना व्यापारी थीं जो एक ‘फर्जी’ मुठभेड़ में मारी गईं. वहीं पुलिस का दावा है कि जब मुठभेड़ हुई, तब दोनों महिला माओवादियों ने यूनिफॉर्म पहन रखा था. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस बीच, मल्कानगिरी जिले में पुलिस ने मैथिली पुलिस थाने के अंतर्गत धकरपादर गांव के पास भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक, टिफिन बम, संचार सेट, माओवादी सामग्री और एक ईवीएम डंप बरामद किया है.

मुख्यधारा में लौट आएं माओवादी, डीजीपी की अपील

इसके साथ ही डीजीपी ने लाल विद्रोहियों से हिंसा छोड़ने और सामान्य जीवन जीने के लिए मुख्यधारा में लौटने की अपील की. उन्होंने कहा, “हम अपील कर रहे हैं कि माओवादी हिंसा छोड़ दें और मुख्यधारा में लौट आएं.” उन्होंने कहा कि जो लोग आत्मसमर्पण करते हैं और मुख्यधारा में लौट आते हैं, उनका उचित पुनर्वास किया जाएगा और उन्हें ओडिशा सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास योजना के तहत फाइनेंशियल मदद दी जाएगी. डीजीपी ने कहा कि उन्हें घर बनाने, पढ़ाई करने और व्यापार में प्रशिक्षण प्राप्त करने, अपनी इच्छा के व्यवसाय के लिए भी वित्तीय सहायता मिलेगी.

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