Measles cases increasing in kerala, experts said less vaccination is the factor behind this | केरल के मलप्पुरम में बढ़ रहा खसरे का प्रकोप, जानिए क्या है इसकी वजह?

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि केरल के इस जिलें में खसरा के खिलाफ टीकाकरण दर अभी भी 50 फीसदी से कम है, जबकि बाकी राज्यों में यह 90 फीसदी से ऊपर है.

केरल के मलप्पुरम और उसके आसपास के जिलों में खसरे के मामलों में अचानक तेजी आई है. इसकी एक वजह इस बीमारी के खिलाफ कम टीकाकरण को बताया जा रहा है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि 5 से 17 वर्ष के आयु वर्ग के 125 खसरे से संक्रमित बच्चों में से केवल छह का ही टीकाकरण किया गया था, जबकि इसी आयु वर्ग के कम से कम 60,000 बच्चों का इस क्षेत्र में टीकाकरण नहीं किया गया है.

स्वास्थ्य अधिकारियों कई अन्य जिलों से आने वाले छात्र यहां दाखिला लेते हैं, इनमें से अधिकतर को खसरा का टीका नहीं लगा होता है. ऐसे में ये बीमारी की चपेट में आ जाते हैं और ये आंकड़ा यहां जुड़ जाता है.अधिकारियों के मुताबिक,125 संक्रमितों में से 50 से अधिक अकेले कल्पनांचेरी गाँव के हैं. हमारी पहली प्राथमिकता अत्यधिक संक्रामक बीमारी को रोकना है. मलप्पुरम जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ) डॉ आर रेणुका ने कहा” हम विटामिन ए की अतिरिक्त खुराक के साथ संक्रमित को लक्षणों के हिसाब से उपचार दे रहे हैं.

केंद्रीय टीम का होगा दौरा

डीएमओ ने कहा कि उन्हें केंद्रीय टीम के प्रस्तावित दौरे के बारे में पता चला था, लेकिन अभी तक कोई तारीख नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि खसरा के बढ़ते मामलों से पता चलता है कि इस बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण कितना जरूरी है. ऐसे में लोगों को खसरा से बचाव के लिए अपने बच्चों को वैक्सीन लगवानी चाहिए.

डीएमओ के मुताबिक, कई लोग गलत सूचना अभियानों के शिकार हो जाते हैं. लोगों को लगता है कि ये टीके बड़े होने पर बच्चों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं और उनमें से अधिकांश में जिलेटिन हो सकता है. कई ऐसे केस भी आए हैं जहां गांव में टीकाकरण के लिए जा रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों को वापिस भेज दिया गया.

जिले की टीकाकरण दर 50 फीसदी से कम

स्वास्थ्य विशेषज्ञों को यह भी डर है कि इस टीके के रजिस्टेंस होने की वजह से भी कुछ इलाकों में केस बढ़ सकते हैं. मलप्पुरम में छह साल पहले डिप्थीरिया के पांच मामले सामने आए थे, उनमें से तीन की बाद में मौत हो गई थी. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि जिले की टीकाकरण दर अभी भी 50 फीसदी से कम है जबकि बाकी राज्यों में यह 90 फीसदी से ऊपर है. यही कारण कि मलप्पुरम में खसरे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में अधिकारी लोगों ने इस बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण पर जोर दे रहे हैं.

ये भी पढ़ें



हेल्थ की ताजा खबरें यहां पढ़ें

techo2life

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *