Maharashtra karnataka border dispute rises again supreme court hearing soon | महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच बढ़ रहा सीमा विवाद, शिंदे सरकार चाहती है जल्द सुनवाई

भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के बाद यह विवाद 1960 के दशक का है. महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच बेलगावी पर दशकों पुराना सीमा विवाद दोनों पक्षों के हालिया बयानों के कारण फिर से चर्चा में है.

महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच बढ़ रहा सीमा विवाद, शिंदे सरकार चाहती है जल्द सुनवाई

महाराष्‍ट्र और कर्नाटक के बीच जारी है सीमा विवाद.

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महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच पिछले 6 दशक से जारी सीमा विवाद एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. ऐसा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की ओर से मंगलवार को दिए गए उस बयान के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के 40 गांवों पर दावा पेश किया था. इसके बाद से महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई के बीच बयानबाजी तेज हो गई हैं. फडणवीस भी कह चुके हैं कि महाराष्ट्र का कोई भी गांव कहीं नहीं जाएगा. हालांकि सीमा विवाद का यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. माना जा रहा है कि इस पर सर्वोच्च न्यायालय जल्द सुनवाई कर सकता है.

महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच बेलगावी (पहले बेलगाम) पर दशकों पुराना सीमा विवाद दोनों पक्षों के हालिया बयानों के कारण फिर से चर्चा में है. बोम्मई ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय में सीमा विवाद के मुद्दे को लेकर वरिष्ठ वकीलों की एक मजबूत कानूनी टीम बनाई है. मंगलवार को, महाराष्ट्र सरकार ने लंबित अदालती मामले के संबंध में राज्य की कानूनी टीम के साथ समन्वय करने के लिए चंद्रकांत पाटिल और शंभूराज देसाई को नोडल मंत्री बनाया.

1960 के दशक में शुरू हुआ था विवाद

भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के बाद यह विवाद 1960 के दशक का है. महाराष्ट्र भाषाई आधार पर बेलगावी पर दावा करता है जो स्वतंत्रता के समय बॉम्बे प्रेसीडेंसी का हिस्सा था. महाराष्ट्र उन 80 मराठी भाषी गांवों पर भी दावा करता है जो वर्तमान में कर्नाटक का हिस्सा हैं. बेलगावी को लेकर विवाद 1960 के दशक में भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के बाद से बना हुआ है. 1966 में केंद्र सरकार ने इस विवाद को लेकर महाजन कमीशन का गठन किया था. इस कमीशन से उस समय राज्य सरकार ने 865 गांवों पर अपना दावा पेश किया था. ऐसा 1961 की जनगणना के अनुसार किया गया था.

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सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई चाहती है शिंदे सरकार

अगस्त, 1967 में कमीशन ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी. इसमें उसने सुझाव दिया था कि 264 गांव और बेलगाम महाराष्ट्र में रहने चाहिए और 247 गांव कर्नाटक में रहने चाहिए. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसी हफ्ते 19 सदस्यीय कमेटी की उच्च स्तरीय बैठक की थी. इसमें सभी दलों के प्रतिनिधि शामिल थे. इस बैठक का मकसद था कि सुप्रीम कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई की अपील पर रणनीति तय हो. राज्य सरकार ने महाराष्ट्र और कर्नाटक सीमा विवाद के दौरान होने वाली हिंसा में मरने वाले लोगों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष, पेंशन, हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं देने का ऐलान किया था.

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