Kudhni by election Vaishya slipped away Gopalganj Bhumihar leaves you then it will be difficult | वैश्य खिसके तो गोपालगंजज में हारते-हारते बची BJP, कुढनी में भूमिहारों ने छोड़ा साथ तो होगी मुश्किल

कहा जाता है कि गोपालगंज में वैश्य वोटर बीजेपी के साथ नहीं आए. जिसके बाद यहां बीजेपी हार की कगार पर पहुंच गई थी. अब कुढ़नी में भूमिहारों ने साथ छोड़ दिया तो मुश्किल हो सकती है, बोचहा की तरह.

वैश्य खिसके तो गोपालगंजज में हारते-हारते बची BJP, कुढनी में भूमिहारों ने छोड़ा साथ तो होगी मुश्किल

B JP से कोर वोटर नाराज

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बिहार विधानसभा की कुढ़नी सीट पर 5 सितंबर को उपचुनाव है. आरजेडी एमएले के सजायाफ्ता होने के बाद यहां उपचुनाव कराया जा रहा है. इससे पहले बिहार में इस साल दो बार उपचुनाव हुआ पहले बोचहा और अभी हाल ही में मोकामा और गोपालगंज में. बोचहा में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा. जबकि गोपालगंज और मोकामा में हुए चुनाव में बीजेपी और आरजेडी अपनी-अपनी सीट बचाने में कामयाब रही. अब कुढ़नी में बीजेपी के सामने नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू मैदान में है. इससे पहले बोचहा, मोकामा और गोपालगंज में बीजेपी का मुकाबला आरजेडी से था.

कुढ़नी में आरजेडी ने अपनी सीटिंग सीट सहयोगी जेडीयू के हवाले कर दिया है. लेकिन बोचहां की तरह कुढ़नी सीट पर भी बीजेपी पॉलिटिकल चक्रव्यूह में फंसी दिख रही है

मुकेश सहनी की जाल में फंस सकती है बीजेपी

बोचहां की तरह यहां भी मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी ने चाल चली है. वीआईपी ने बीजेपी के कोर वोटरों में सेंध लगाने की कोशिश की है. मुकेश सहनी ने भूमिहार समाज से अपना प्रत्याशी दिया है.मुकेश सहनी ने कुढ़नी से चार बार विधायक रहे साधु शरण शाही के पोते निलाभ कुमार पर दांव खेला है. इस विस क्षेत्र में भूमिहार वोटरों की अच्छी आबादी है.

सहनी की रणनीति है कि अगर भूमिहार और मल्लाह पूरी तरह साथ हो गए तो जीत पक्की हो जाएगी. उनका प्रत्याशी आधी भूमिहार वोट काटने में भी कामयाब रहा तो बीजेपी की राह मुश्किल हो सकती है. वैसे भी कहा जा रहा है कि भूमिहार वोटर बीजेपी से नाराज हैं. सहनी ने कुढ़नी चुनाव में मछली भात समीकरण की बात कही है. मछली मतलब मल्लाह, चावल भूमिहार.

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गोपालगंज में वैश्य ने छोड़ा था साथ

इससे पहले गोपालगंज में आरजेडी की बीजेपी की कोर वोटर मानी जाने वाली वैश्य को तोड़ने में कामयाब रही थी.आरजेडी ने गोपालगंज में वैश्य जाति के मोहन प्रसाद गुप्ता को मैदान में उतार कर बीजेपी के कोर वोट पर सेंधमारी करने में कामयाबी पाई थी जिसके बाद बीजेपी यह सीट हारते-हारते बची. बोचहा में सहनी के चाल की शिकार हुई बीजेपी कुढ़नी में इस कार्ड के काट के लिए भूमिहार नेताओं की फौज मैदान में उतार दिया है. बीजेपी की कोशिश है कि अपने कोर वोटर को पार्टी के साथ बनाए रखें.

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