Know story of Ramesh Chauhan owner of Bisleri who created brands like Thums Up Limca Maaza | सिर्फ Bisleri ही नहीं, रमेश चौहान ने खड़े किए थे Limca और Thums Up जैसे देसी ब्रांड

आज जब भारत Vocal 4 Local जैसा अभियान चला रहा है, तब आपके लिए रमेश चौहान की कहानी ​को जानना बेहद जरूरी हो जाता है. ये वो शख्स है जिसने कई बड़े इंडियन ब्रांड को जन्म दिया जिनमें Thums Up और Limca के साथ—साथ Bisleri तो बस कुछ चु​निंदा नाम हैं.

सिर्फ Bisleri ही नहीं, रमेश चौहान ने खड़े किए थे Limca और Thums Up जैसे देसी ब्रांड

रमेश चौहान की बिसलेरी बेचने के लिए टाटा ग्रुप से चल रही बात

Image Credit source: Bisleri

किसी एक बिजनेस और ब्रांड को खड़ा करने में एक व्यक्ति की सारी उम्र गुजर जाती है, कई बार बात पीढ़ि​यों तक भी पहुंच जाती है. आपको रमेश चौहान (Ramesh Chauhan) की कहानी जानने में दिलचस्पी होनी चाहिए, जिन्होंने अपने जीवनकाल में एक या दो नहीं, बल्कि​ कई बड़े ब्रांड बनाए. इतना ही नहीं उन्होंने जो ब्रांड बनाए वो भारत की उद्यमशीलता (Indian Entrepreneurship) की पहचान बने. भारतीयों को इंडियन ब्रांड (India Super Brand) जैसा कॉन्सेप्ट समझाया और दुनियाभर में पहचान बनाई.

महज 4 लाख में खरीदी बिसलेरी

भारत जैसे मुल्क में बोतलबंद पानी बेचने के बारे में सोचना, अपने आप में बड़ा जोखिम उठाने वाला विचार है. ये जोखिम पहले उठाया डॉ. रॉसी और खुशरू सुंतूक नाम के दो लोगों ने और 1965 में बिसलेरी की शुरुआत की. ले​​किन अमीर और पर्यटकों तक ही इस ब्रांड की पहुंच रही और इसे आम आदमी तक लाने का काम किया पारले के चौहान ब्रदर्स या यूं कहें रमेश चौहान ने.

रमेश चौहान ने 1969 में डॉ. रॉसी से ठाणे में लगा बिसलेरी वाटर प्लांट खरीद लिया. तब ये सौदा महज 4 लाख रुपये में हुआ था. आज ये ब्रांड 7,000 करोड़ रुपये से अ​धिक का हो चुका है. खबर ये है कि रमेश चौहान अब इस ब्रांड को टाटा (Tata Group) को बेचने की इच्छा रखते हैं और इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच बातचीत जारी है. रमेश चौहान ने बिसलेरी को ना सिर्फ देश के कोने-कोने में पहुंचाया, बल्कि आज ये इंडियन के पैकेज्ड वाटर मार्केट की लीडर है. इसके अलावा बिसलेरी कंपनी वेदि​का जैसे प्रीमियम मिनरल वाटर ब्रांड, सोडा वाटर ब्रांड ऊर्जा की भी ओनर है.

ऐसे खड़े किए Thums Up ब्रांड

रमेश चौहान ने भारतीयों को सिर्फ बिसलेरी जैसा बोतलबंद पानी का ब्रांड ही नहीं दिया. बल्कि जब जनता सरकार बनने के बाद कोकाकोला ने 1977 में इंडिया से अपना कारोबार समेटा, तब रमेश चौहान की पारले (Parle Bisleri) कंपनी ने थम्स अप जैसा ब्रांड खड़ा किया.

थम्स अप के यूनिक टेस्ट ने लोगों के बीच जबरदस्त पैठ बनाई. बाजार में अपना लोहा मनवाने के लिए चौहान ने थम्सअप में कोला के साथ दालचीनी और जायफल के अनोखे तीखेपन को इसमें घोला. इसके स्वाद का जादू ऐसा छाया कि बाद में 1993 में कोका कोला (Coca Cola) ने पेप्सी (Pesico) पर बढ़त बनाने के लिए थम्सअप को खरीद लिया और इसे एक इंटरनेशनल ब्रांड बनाया.

भारतीयों में थम्स अप का मार्केट खड़ा करने के लिए रमेश चौहान ने जहां इसके स्वाद को तीखापन दिया, वहीं इसकी ब्रांड इमेज को ‘मर्दानगी’ से जोड़ते हुए इसे एक Macho Drink के तौर पर प्रमोट किया. बदलते वक्त साथ कोका कोला ने इसे एक Adventure Drink बनाया.

Thums Up से पहले बनाई Limca

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इंडियन मार्केट में थम्स अप को लॉन्च करने से कुछ वक्त पहले ही रमेश चौहान ने नींबू के स्वाद वाली लिम्का भी बनाई थी. इसे भी 1977 में ही लॉन्च किया गया था और इसका फॉर्मूला भी पारले बिसलेरी ने खुद ही तैयार किया था. कोका कोला ने रमेश चौहान के सिर्फ थम्स अप ब्रांड को ही नहीं खरीदा, बल्कि लिम्का को भी खरीद लिया. आपको जानकर हैरानी हो सकती है इन ब्रांड के अलावा Maaza, Citra और Gold Spot जैसे ब्रांड भी रमेश चौहान की देन हैं.

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