Kalyan leopard caught after 10 hours by rescue team | मुंबई से सटे कल्याण में 10 घंटे तक उधम मचाने के बाद आखिर तेंदुआ पकड़ में आया, 4 लोग हुए जख्मी

मुंबई से सटे कल्याण के एक रिहाइशी इलाके में गुरुवार को सुबह से ही तेंदुआ आकर एक बिल्डिंग में घुस गया. दिन भर लोग दहशत में रहे. 10 घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकर उसे रेस्क्यू किया गया.

मुंबई से सटे कल्याण में 10 घंटे तक उधम मचाने के बाद आखिर तेंदुआ पकड़ में आया, 4 लोग हुए जख्मी

Leopord In Kalyan Near Mumbai

Image Credit source: Tv9 Network

दस घंटे तक वह छकाता रहा. पूरी इमारत में इधर से उधर, उधर से इधर छलांगें लगाता रहा. लोगों की सांसें थम गईं थीं, वो तेंदुआ रिहाइशी कॉलोनी में अपना जंगल राज चलाता रहा. बाहर सौ से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा थी, किसी एक की भी हिम्मत उसके पास जाने की ना थी. दस घंट के बाद आखिर तेंदुआ पकड़ में आया. रेस्क्यू टीम ने किसी तरह उसे पकड़ने में कामयाबी पाई. घटना गुरुवार (24 नवंबर) के दिन मुंबई से सटे कल्याण-ईस्ट के चिंचपाड़ा काटेमानवली इलाके की श्रीराम अनुग्रह बिल्डिंग की है.

इससे पहले भी यहां दो जानवरों के हमले की वजह से लोगों में दहशत कायम थी और गुरुवार को तो तेंदुए ने ही हमला किया था. तेंदुए ने पहले एक शख्स पर हमला किया. इसके बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम बुलाई गई. तेंदुए ने रेस्क्यू टीम के भी एक सदस्य पर हमला बोला. आखिर वन विभाग, पुलिस, संजय गांधी उद्यान की रेस्क्यू टीम, फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों, प्राणी मित्र संगठन के सदस्यों की मिली जुली कोशिशों से 10 घंटे की मेहनत के बाद तेंदुआ पकड़ में आया. तेंदुए के पकड़े जाने के बाद कल्याण के इस इलाके के लोगों ने चैन की सांस ली.

दिन भर दहशत में लोगों को लाया ऐसे तेंदुआ पकड़ में आया

कल्याण पूर्व काटेमानवली इलाके की श्रीराम अनुग्रह बिल्डिंग में गुरुवार की सुबह अचानक तब हड़कंप मच गया जब जंगल से भटक कर आया तेंदुआ यहां घुस गया. जल्दी ही यह खबर जंगल की आग की तरह पूरे शहर में फैल गई. इस बीच तेंदुआ दो लोगों पर हमले कर चुका था. इन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. घटना की सूचना मिलते ही कल्याण वन विभाग की टीम, कोलशेवाडी पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आ पहुंचे.

पटाखे फोड़े, जाल बिछाए, ड्रोन कैमरे लगाए, डार्ट गन…तेंदुआ ऐसे बाहर आया

जब यह पता चला कि तेंदुआ बिल्डिंग के अंदर घुस कर बैठा है तो रेस्क्यूके लिए ठाणे वन विभाग, बदलापुर वन विभाग, संजय गांधी उद्यान की रेस्क्यू टीम, वॉर प्राणीमित्र संगठन, पॉज प्राणीमित्र संगठन के सदस्य भी घटनास्थल पर पहुंच गए. बिल्डिंग के सेकंड फ्लोर पर तेंदुआ के होने की बात सामने आते ही बिल्डिंग के तीनों छोर पर जाल बिछाए गए. तेंदुआ को बिल्डिंग से बाहर निकालने के लिए पटाखे फोड़े गए. दरवाजे जोर-जोर से ठोके गए. तेंदुए पर नजर बनाए रखने के लिए ड्रोण कैमरे का इस्तेमाल किया गया. फिर भी तेंदुआ बाहर नहीं आ रहा था. आखिर छह डार्ट गन की मदद से तेंदुए को बाहर लाया गया.

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