India UK Relation Free Trade Agreement Indians beat Chinese in Britain, UK gave maximum visa to Indian students | भारतीय ने चीनियों को ब्रिटेन में पछाड़ा, UK ने सबसे ज्यादा इंडियन स्टूडेंट्स को दिया वीजा

आंकड़ों के मुताबिक बीते कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों को प्रदान किए जाने वाले वीजा की संख्या में 273% की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है.

भारतीय ने चीनियों को ब्रिटेन में पछाड़ा, UK ने सबसे ज्यादा इंडियन स्टूडेंट्स को दिया वीजा

ब्रिटेन ने सबसे ज्यादा भारतीय को दिया वीजा

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ब्रिटेन में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों के सबसे बड़े समूह के रूप में भारतीय छात्रों ने पहली बार चीनी छात्रों को पीछे छोड़ दिया है. गुरुवार को जारी किए गए ब्रिटेन के आधिकारिक इमिग्रेशन आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है. आंकड़ों के मुताबिक बीते कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों को प्रदान किए जाने वाले वीजा की संख्या में 273% की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है.

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि स्किल्ड वर्कर्स की कैटगरी में वीजा हासिल करने वालों की लिस्ट में भारतीय टॉप पर रहे. रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल 56,042 भारतीयों को इस कैटगरी में वीजा दिया गया था. यह भी बताया गया है कि ब्रिटेन में स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में वीजा हासिल करने वाले भारतीयों की संख्या 36% बढ़ी है. ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय सबसे ज्यादा इसी प्रोफेशन के शामिल हैं.

2022 में 1,27,731 को मिला स्टूडेंट्स वीजा

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019 में कुल 34,261 भारतीय छात्रों को वीजा प्रदान किया गया था जबकि 2022 में 1,27,731 छात्रों को वीजा दिया गया. भारतीय स्टूडेंट्स ब्रिटेन को स्टडी डेस्टिनेशन पॉइंट्स के तौर पर सबसे टॉप पर रखते हैं. हाल के वर्षों में दोनों देशों ने नागरिकों के लिए सुविधाओं को और सुगम बनाने पर जोर दिया है. इसी संबंध में जुलाई 2021 में ब्रिटेन ने ग्रेजुएट रूट लॉन्च किया था, जिसके माध्यम से भारतीय काम की तलाश या काम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा दो साल तक ब्रिटेन में रह सकते हैं. भारत के स्टूडेंट और स्किल्ड वर्कर खासतौर पर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा योगदान देते हैं.

इंडिया-यूके रोडमैप 2030

ग्रेजुएट रूट (जीआर) ने भारत समेत दुनियाभर के स्टूडेंट को बड़ी राहत दी है, और इसके माध्यम से ब्रिटेन जाने की चाहत रखने वाले स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल को बड़ी मदद मिली है. भारतीय के लिए ब्रिटेन सरकार के साथ मिलकर भारत सरकार कई रास्ते खोलने की कोशिश में. इसी कड़ी में दोनों देशों के बीच होने वाला फ्री ट्रेड एग्रिमेंट भी है, जो दोनों देशों के नागरिकों के लिए भी बेहतर साबित हो सकता है. साल 2021 में भारत-ब्रिटेन ने 2030 के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया था, जिसका मकसद आने वाले समय में एक-दूसरे के स्टूडेंट्स, टीचर्स और रिसर्चर्स के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना है.

(भाषा इनपुट के साथ)

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