Hyderabad Nizam College Girls Hostel Allotted After Silent Protest 135 Years | काम आई ‘गांधीगीरी’! कॉलेज की लड़कियों ने 20 दिन में जीत ली 135 साल की लड़ाई

हैदराबाद के निजाम कॉलेज में करीब 300 लड़कियों ने गांधीगीरी और अहिंसा के दम वो काम कर दिखाया जो 135 साल में नहीं हो पाया था. सिर्फ 20 दिन में Hyderabad सरकार को उन्हें हॉस्टल देना पड़ा.

काम आई 'गांधीगीरी'! कॉलेज की लड़कियों ने 20 दिन में जीत ली 135 साल की लड़ाई

निजाम कॉलेज में 135 साल बाद लड़कियों को मिला हॉस्टल

Image Credit source: Twitter @@Swaerossu

करीब 300 लड़कियों ने 135 साल से चली आ रही लड़ाई सिर्फ 20 दिन में जीत ली. वो भी ‘गांधीगीरी’ के दम पर. इन लड़कियों ने ये दिखा दिया कि बड़ी से बड़ी लड़ाई भी अहिंसा और शांति के साथ जीती जा सकती है. मामला हैदराबाद के Nizam College का है. ये कॉलेज जब ओस्मानिया यूनिवर्सिटी का अंग है जिसकी स्थापना 1887 में हुई थी. जब से निजाम कॉलेज बना है, तब से आज तक यहां लड़कियों को कभी हॉस्टल नहीं दिया गया. यहां ग्रेजुएशन में एडमिशन लेने वाली छात्राओं को Hyderabad के प्राइवेट Girls Hostels में मोटी रकम देकर रहना पड़ता था.

21वीं सदी में किसी शिक्षण संस्थान में ऐसी व्यवस्था बड़ी अजीब बात है. इससे भी ज्यादा अजीबोगरीब बात ये है कि निजाम कॉलेज में पीजी कोर्स में एडमिशन लेने वाली छात्राओं को तो हॉस्टल फैसिलिटी दे दी गई. लेकिन यूजी को नहीं. लड़कियों के साथ इस भेदभाव के विरोध में कॉलेज की करीब 300 छात्राएं धरने पर बैठ गईं. बिल्कुल शांतिपूर्ण धरना.

रोज 10 से 5 का धरना

ये लड़कियां रोज क्लास छोड़कर दिन के 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक हाथों में पोस्टर लेकर धरने पर बैठ जाती थीं. उन्होंने शिक्षा विभाग को ज्ञापन भी सौंपा. करीब 17-18 साल की इन छात्राओं ने तेलंगाना की शिक्षा मंत्री सबिता इंद्र रेड्डी के सामने भी खुलकर अपनी बातें रखीं. तब तक जब तक सरकार ने कोई एक्शन नहीं ले लिया.

आखिरकार करीब 20 दिन बाद तेलंगाना सरकार ने कॉलेज को एक नई हॉस्टल बिल्डिंग दे दी. 76 कमरों वाली ये बिल्डिंग अब निजाम कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल होगा. इसमें करीब 400 लड़कियां रह सकती हैं.

अब तक Osmania State University से मान्यता प्राप्त निजाम कॉलेज में 98 कमरों का एक हॉस्टल बैचलर डिग्री कोर्स में एडमिशन लेने वाले लड़कों के लिए था. 90 कमरों का एक हॉस्टल PG के लड़कों के लिए था. पीजी में एडमिशन लेने वाली लड़कियों के लिए भी इसी साल हॉस्टल अलॉट हुआ था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार प्रोटेस्ट में शामिल एक छात्रा ने कहा, ‘हम तेलंगाना के ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं. हमें यहां हर महीने 6000 रुपये देकर प्राइवेट हॉस्टल में रहना पड़ता है. जब हमने यहां एडमिशन लिया तो कॉलेज प्रशासन ने कहा कि नया गर्ल्स हॉस्टल बन रहा है, जल्द ही हमें आवंटित किया जाएगा. बीते 4 नवंबर को हमने देखा कि नए हॉस्टल में पूजा तो हो रही है, लेकिन कमरे सिर्फ मास्टर कोर्स की लड़कियों को दिए जा रहे हैं. तब हमने अपने लिए खड़ा होने का तय कर लिया.’

निजाम कॉलेज के प्रिंसिपल के अनुसार कैंपस में हॉस्टल की फीस जेनरल और ओबीसी कैटेगरी के लिए 10 हजार रुपये सालाना और एससी, एसटी के लिए 7000 रुपये सालाना है. एक कमरे में 4 स्टूडेंट्स रह सकते हैं. लेकिन लड़कियों ने ज्यादा संख्या में एडजस्ट करके रहने का फैसला किया है.

techo2life

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *