Gastroesophageal Reflux Disease can cause heart related problems in hindi | क्या गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग दिल की बीमारी के जोखिम को बढ़ाता है?

गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग से पीड़ित लोगों के क्लिनिकल डेटा का विश्लेषण करने वाले कई अध्ययनों से पता चलता है कि ये रोग दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है.

क्या गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग दिल की बीमारी के जोखिम को बढ़ाता है?

गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग

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गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग (Gastroesophageal Reflux Disease) एक क्रॉनिक कंडीशन है, जहां एक व्यक्ति को बार-बार एसिड रिफ्लक्स का अनुभव होता है. एसिड रिफ्लक्स होने पर पेट का एसिड भोजन नली या एसोफेगस में वापस जाता है. इसके सबसे आम लक्षणों में सीने में दर्द होना शामिल है. इस स्थिती में सीने में जलन भी होती, जिसे आमतौर पर “हार्टबर्न” कहा जाता है. बता दें कि ये रोग दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ाता है.

दिल की बीमारी के जोखिम को बढ़ाता है

गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग से पीड़ित लोगों के क्लिनिकल डेटा का विश्लेषण करने वाले कई अध्ययनों से पता चलता है कि ये रोग दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है. बता दें कि ये एट्रियल फाइब्रिलेशन (जो स्ट्रोक और हार्ट फैल्योर का कारण बन सकता है) और कोरोनरी हार्ट डिसीज में प्लाक बिल्ड-अप के कारण होता है. इसकेरोगियों में इस्केमिक हार्ट डिसीज होने की आशंका बढ़ जाती है और इससे दिल में खून का प्रवाह भी कम हो जाता है.

आतों से जुड़ा है ये रोग

गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स पाचन से जुड़ी परेशानी और आंतों के खराब स्वास्थ्य से जुड़ा है, जिसे क्रॉनिक कंडीशन की जड़ माना जाता है. इसकी वजह से होने वाली बीमारियों में कार्डियोवैस्कुलर रोग भी शामिल हैं. आंतों के खराब स्वास्थ्य में आमतौर पर “लीकी गट” शामिल होती है, जिसमें खाद्य पदार्थों के कण ब्लड में घुलकर सूजन पैदा करते हैं. यह बढ़ी हुई सूजन सीधे-सीधे दिल के रोगों और आर्टरियल प्लाक जमा करने का कारण बनती है.एसिड रिफ्लक्स की वजह से वेगस नर्व भी ट्रिगर हो सकती है, जो दिल की धड़कन में तेजी का कारण बनता है.

गौर हो कि जीईआरडी में पेट के एसिड का कम स्तर शामिल है, जो आंत में संक्रामक रोगजनकों में वृद्धि का कारण बनता है. इससे गट डिस्बिओसिस भी होता है. गट माइक्रोबायोम हेल्थ से जुड़ा वह क्षेत्र है, जिसके बारे में पिछले एक दशक में प्रमुखता से बातें हो रही हैं.

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( इस लेख में दी गई जानकारियां सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. TV9 Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता है. किसी विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही इस पर अमल करें.)

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