Former President Pranab Mukherjee had taken several lectures at IIM Ahmedabad | प्रणब मुखर्जी खुद को क्यों कहते थे गुजराती? जानिए उनका अहमदाबाद से कनेक्शन

भरूच दौरे पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि उनको गुजराती भाषा की समझ नहीं है. लेकिन, गुजराती संस्कृति उन्हें हमेशा आकर्षित करती रही है. उनका जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के वीरभूमि में हुआ था.

प्रणब मुखर्जी खुद को क्यों कहते थे गुजराती? जानिए उनका अहमदाबाद से कनेक्शन

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गुजराती संस्कृति से काफी प्रभावित थे. वह मानते थे कि देश की आजादी में गुजरात की धरती का अहम योगदान था. वह महात्मा गांधी से काफी प्रभावित थे. उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी का साबरमती आश्रम स्वतंत्रता आंदोलन का शक्ति केंद्र था. साल 2012 में प्रणब मुखर्जी अपने दो दिवसीय दौरे पर थे. तब उन्होंने कहा था कि गुजरात उनके दिल में बसता है. भरूच-अंकलेश्वर दौरे पर उन्होंने कहा था कि गुजराती लोगों ने उन्हें हमेशा प्यार दिया.

भरूच दौरे पर प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि उनको गुजराती भाषा की समझ नहीं है. लेकिन, गुजराती संस्कृति उन्हें हमेशा आकर्षित करती रही है. उन्होंने दावा किया था कि यहां से राजनीतिक नेताओं ने उन्हें पूरे छह वर्षों के लिए राज्यसभा में चुन कर भेजा था. इस वजह से मैं भी एक गुजराती ही हूं. बता दें कि प्रणब मुखर्जी 5 बार राज्यसभा के सदस्य चुने गए. 2 बार लोकसभा सांसद बने.

2018 में अहमदाबाद आए थे प्रणब मुखर्जी

साल 1969 में प्रणब मुखर्जी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. वह पहली बार राज्यसभा सांसद चुने गए थे. इसके बाद वे 1975, 1981, 1993 और 1999 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे.वर्ष 2018 में एक बार फिर प्रणब मुखर्जी का गुजरात आना हुआ.एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक शिक्षक के रूप में. उन्होंने आईआईएम-अहमदाबाद में कई लेक्चर लिए. उन्होंने यहां के मैनेजमेंट के छात्रों को संविधान, राजनीति और पब्लिक पॉलिसी की बारीकियों को समझाया था.

गुजराती लोगों के उद्यमी प्रवृत्ति के फैन थे प्रणब मुखर्जी

प्रणब मुखर्जी गुजराती लोगों के औद्योगिक व उद्यमी प्रवृत्ति के फैन थे. उन्होंने माना था कि अन्य राज्यों के मुकाबले गुजरात में आर्थिक विकास दर ज्यादा है.उन्होंने अपने दौरे के दौरान दुग्ध संघ अमूल के पशु चारा विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन भी किया था.2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था, इसका कारण प्रणब मुखर्जी अटल सरकार की गलत नीतियों को मानते थे. वह गुजरात में 2002 में हुए दंगों को लेकर कई बार बीजेपी पर निशाना साधते रहे.

वीरभूमि के रहने वाले थे प्रणब मुखर्जी

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प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले के मिराती गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम कामदा किंकर मुखर्जी और माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था. उनके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे. जब देश आजाद हो गया तो साल 1952 से 1964 तक कामदा पश्चिम बंगाल विधानपरिषद के सदस्य भी रहे. प्रणब मुखर्जी ने वीरभूमि से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी.

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