Dwg Diamond workers will not vote for BJP in the elections | गुजरात चुनाव में BJP को झटका! डायमंड यूनियन का ऐलान-नहीं देंगे वोट

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सूरत में हीरा उद्योग से जुड़े श्रमिक गुजरात की कम से कम छह सीटों पर चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं. इन सीटों पर इनकी संख्या अच्छी खासी है.

गुजरात चुनाव में BJP को झटका! डायमंड यूनियन का ऐलान-नहीं देंगे वोट

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022

गुजरात विधानसभा चुनाव में वोटिंग से पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है. डायमंड यूनियन ने चुनाव में बीजेपी का बायकॉट करने का निर्णय लिया है. उनका दावा है कि प्रदेश के हीरा श्रमिक इस चुनाव में बीजेपी को वोट नहीं करेंगे. बीजेपी का बायकॉट करने वाले संगठन का नाम द डायमंड वर्कस यूनियन गुजरात (DWUG) है. इस संगठन को हीरा श्रमिकों का सबसे बड़ा संगठन माना जाता है. DWUG के अधिकारियों का कहना है कि बीजेपी ने हीरा श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को कभी गंभीरता से नहीं लिया.

इस संगठन ने पूरे गुजरात में लगभग 20 हजार से अधिक श्रमिकों को एक पत्र भेजा है. साथ ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े करीब एक लाख श्रमिकों से भाजपा का बहिष्कार करने का अनुरोध किया है. पत्र में श्रमिकों से अपील की गई है कि उसी दल को वोट करें, जो उनकी समस्याओं का समाधान देने की गारंटी दें.

‘बीजेपी को वोट नहीं करेंगे हीरा श्रमिक’

DWUG के अध्यक्ष रमेश जिलारिया बताते हैं कि हमने कई बार हीरा श्रमिकों की समस्याओं से बीजेपी नेताओं को अवगत कराया. लेकिन, वहीं ढाक के तीन पात. ये जनप्रतिनिधि चुप रहे. प्रदेश के 30 लाख से अधिक हीरा कारीगर कई सालों से समस्याओं का सामना कर रहे हैं. इसलिए इस बार बीजेपी को वोट नहीं देने का फैसला किया गया है.

छह सीटों पर चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं हीरा श्रमिक

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सूरत में हीरा उद्योग से जुड़े श्रमिक गुजरात की कम से कम छह सीटों पर चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं. इन सीटों पर इनकी संख्या अच्छी खासी है. प्रदेश में लगभग लगभग सात लाख श्रमिक सूरत की इकाइयों में कार्यरत हैं, जो हीरों को काटने और चमकाने का सबसे बड़ा केंद्र है. शेष श्रमिक भावनगर, राजकोट, अमरेली, जूनागढ़ और राज्य के कुछ अन्य उत्तरी जिलों में स्थित इकाइयों में कार्यरत हैं.

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ऐसा कहा जाता है कि इन मतदाताओं ने 2021 में सूरत नगर निगम चुनावों में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आप को कुल 120 में से 27 सीटें जीतने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और ये मतदाता गुजरात विधानसभा चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं. सूरत में वराछा रोड, कटारगाम, करंज, कामरेज, और सूरत (उत्तर) विधानसभा सीटों पर हीरा श्रमिक किसी भी उम्मीदवार के जीत-हार में निर्णायक साबित हो सकते हैं. (भाषा के इनपुट के साथ)

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