Delhi mcd election congress president anil chaudhari attack on bjp or aap on garbage or liquor policy | नौजवानों को शराब परोसने और दिल्ली को कूड़े का पहाड़ देने वालों को जनता माफ नहीं करेगी- अनिल चौधरी

कांग्रेस पार्टी के समर्थन को गलती कहिए या चूक पर इस बात को समझना पड़ेगा कि समर्थन किन वजहों से उस समय दिया गया था. एक आदमी कह रहा था कि उसके पास शीला दीक्षित के खिलाफ हजारों पन्ने की चार्जशीट , वहीं वो दिल्ली दिल्ली को पेरिस और लंदन बनाना चाहता है.

नौजवानों को शराब परोसने और दिल्ली को कूड़े का पहाड़ देने वालों को जनता माफ नहीं करेगी- अनिल चौधरी

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी की टीवी9 से एक्सक्लूसिव बातचीत.

Image Credit source: टीवी9

एमसीडी चुनाव का प्रचार जोरों पर है और कांग्रेस शीला दीक्षित के काम को याद दिला दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का नारा गढ़ रही है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने टीवी9 से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि दिल्ली को गुमराह करने वाले सीएम अरविंद केजरीवाल की पहचान जनता कर चुकी है. इसलिए भ्रष्टाचार से निजात के लिए बीजेपी और प्रदूषण से छुटकारे के लिए आप को करारा जवाब एमसीडी चुनाव में जनता देने वाली है.

शीला दीक्षित के काम को लोग आज भी याद करते हैं, लेकिन कांग्रेस चुनावी लड़ाई में दिल्ली में कहीं दिखाई नहीं पड़ती है. ऐसी क्या वजह हो गई कि लोकसभा चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव और फिर एमसीडी चुनाव में ज़मीन तलाशने के लिए आपको मशक्कत करनी पड़ रही है ?

जवाब- 2013 में जो माहौल बनाया गया उसके बाद ये कहानी शुरू हुई है. मैं ये दावे के साथ कह सकता हूं कि साल 2020 में जब दिल्ली में संक्रमण आया तो दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेस के कार्यकर्ता ही जनता के लिए हाथ बढ़ाते हुए जगह जगह पर खड़े दिखाई पड़े थे. “आओ मदद का हाथ बढ़ाएं” कांग्रेस पार्टी ने कार्यक्रम शुरू किया था. वो इस बात का प्रमाण है कि जनता का सच्चा हितैषी कौन रहा है. साल 2013 से बेशक हम चुनाव हारे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी हिम्मत नहीं हारी है. हार और जीत जनता के हाथ में होती है.

जनता की कसौटी पर जहां तक खड़े होने की बात है, तो कांग्रेस पार्टी उस पर पूरी तरह से खड़ी उतरती है. एक व्यक्ति ने झूठ बोलकर दिल्ली की जनता को गुमराह किया. वो भले ही शीला जी की तरह तीन बार दिल्ली का सीएम बना हो और पीएम दो बार बीजेपी के बने हों, लेकिन दिल्ली में आज भी काम शीला दीक्षित का ही याद किया जाता है. अब दिल्ली की जनता सच को समझने लगी है. इसलिए जनता प्रदूषित दिल्ली और भ्रष्ट दिल्ली बनाने वालों को नकारने का मन बना चुकी है और मेरी चमकती दिल्ली जो कांग्रेस पार्टी बनाने का नारा है उस पर कांग्रेस पार्टी का साथ देगी.

आपने दिल्ली की बर्बादी के लिए जिम्मेदार बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों को ठहराया है. कांग्रेस पार्टी दिल्ली में किसको बड़ा दुश्मन मानती है ?

जवाब- पिछले आठ सालों में दिल्ली के सीएम केजरीवाल फेल साबित हुए हैं. दिल्ली को लंदन और पेरिस बनाने का दावा करने वाले केजरीवाल दिल्ली को प्रदूषण और भ्रष्टाचार में नंबर वन बनाने में योगदान दे रहे हैं. दिल्ली बच्चियों के बलात्कार के मामले में नंबर वन और भ्रष्टाचार के मामलों में नए आयाम गढ़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है. सवाल उन नौजवानों का है जो 21 साल की उम्र में रोजगार की मांग करते हैं तो उन्हें गलियों और सड़को पर रोजगार की जगह शराब परोसने के लिए शराब की दुकान खोल दी जाती है.दिल्ली की जनता आखिरकार आठ साल बाद तो हिसाब मांगेगी.

दिल्ली में केजरीवाल जी ने तो हद कर दी है. वो खुले आम कह रहे हैं कि जेल जाने से मत डरो,जेल जाना कोई बुरी बात नहीं है. इसलिए तीन विधायक एमसीडी का टिकट बेचते पकड़े जाते हैं और इनके मंत्री महाठग को भी ठगने में जुट जाते हैं. मेरी लड़ाई प्रदूषित बनाम मेरी चमकती दिल्ली है. दिल्ली में वायु,जल, और ध्वनि का ही प्रदूषण सिर्फ नहीं है बल्कि राजनीतिक प्रदूषण भी काफी बढ़ गया है. लोग पूछने लगे हैं कि दिल्ली में वो माहौल कब आएगा जो शीला दीक्षित के ज़माने में नजर आता था.अरविन्द केजरीवाल और बीजेपी एक दूसरे की परछाई हैं और दिल्ली अब उन्हें बर्दाश्त नहीं करने वाली है.

तो क्या आप मानते हैं कि साल 2013 में पहली बार कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर भूल की थी, जिसका खामियाजा कांग्रेस के साथ साथ दिल्ली भी भुगत रही है ?

जवाब- कांग्रेस पार्टी के समर्थन को गलती कहिए या चूक पर इस बात को समझना पड़ेगा कि समर्थन किन वजहों से उस समय दिया गया था. एक आदमी कह रहा था कि उसके पास शीला दीक्षित के खिलाफ हजारों पन्ने की चार्जशीट है वहीं वो दिल्ली दिल्ली को पेरिस और लंदन बनाना चाहता है. दिल्ली में जो राजनीतिक परिस्थितियां थी उसे देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने त्याग किया और अरविन्द केजरीवाल को काम करने का मौका दिया था . चुनाव में बार बार जाने की बजाय हमने दूसरे रास्ते को चुना लेकिन एक आदमी ने दिल्ली को सिर्फ और सिर्फ गुमराह करने का काम किया है. हमें इस फैसले का राजनीतिक नुकसान जो हुआ हो लेकिन दिल्ली का कहीं ज्यादा नुकसान आठ सालों में हुआ है. दिल्ली की जनता ठगी हुई महसूस कर रही है.

क्या कांग्रेस पार्टी इस बात को लेकर रिग्रेट करती है ?

जवाब- रिग्रेट इस बात को लेकर जरूर है कि एक आदमी ने झूठ बोलकर सत्ता पर काबिज हो गया और राजनीति को बहुत ज्यादा प्रदूषित कर दिया . हमें इस बात को लेकर समर्थन देने का अफसोस है.

आपने टिकट वितरण में देरी की, क्या बीजेपी और आम आदमी पार्टी द्वारा टिकट बांटे जाने का आप इंतजार कर रहे थे.दरअसल कई ऐसे लोगों को आपने टिकट दिया है जो टिकट की आस में बीजेपी और आप से नाता तोड़कर कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं ?

जवाब-साढ़े तीन हजार से ज्यादा एप्लीकेशन पार्टी के दफ्तरों में टिकट के लिए आए थे. लंबी स्क्रीनिंग और मैराथन मीटिंग के बाद टिकट का वितरण किया गया है. कुछ साथी जरूर छूटे हैं लेकिन पार्टी के हितों को सबसे उपर रखकर टिकट वितरण का काम पूरा किया गया है. वैसे अन्य पार्टियों के साथ ही थोड़ा आगे या पीछे टिकट का वितरण हुआ है.

कांग्रेस ने महिलाओं और युवाओं तो तवज्जो दी है, लेकिन कई टिकट पूर्व पार्षद और अन्य नेताओं के परिजनों को दिया गया है. क्या कांग्रेस परिवारवाद के परिधी से अभी भी बाहर निकल नहीं पा रही है ?

जवाब- हमने उदयपुर नवसंकल्प को लागू किया है. हमने पचास फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है. उदयपुर नवसंकल्प में माननीय सोनिया जी के सामने एक और संकल्प लिया गया था वो है युवाओं को प्रोत्साहित करने का. हमने एमसीडी चुनाव में पचास साल से कम उम्र के 70 फीसदी लोगों को टिकट देकर मौका दिया है. इतना ही नहीं दिल्ली में 42 सीटें दलितों के लिए आरक्षित हैं लेकिन हमने 47 -48 सीटें दलितों को देकर उन्हें चुनाव में उतारा है. उदयपुर नवसंकल्प में जो वादे किए गए थे उसको अमल में लाया गया है. जहां तक परिवार वाद का सवाल है तो कई पार्टी इससे अछूती नहीं है. कांग्रेस पर बेबुनियाद आरोप लगते रहे हैं.

राजनीतिक परिवार में कोई बच्चा राजनीति करना चाहता है तो इसमें बुराई क्या है. मेरी निजी राय में ये गलत नहीं कहा जा सकता. दरअसल ये सवाल उनसे पूछा जाना चाहिए जो एक परिवार से एक टिकट देने की बड़ी बड़ी बाते किया करते थे और शपथपत्र में गाड़ी और बंग्ला नहीं लेने की बात कह जनता को गुमराह कर रहे थे. दरअसल कोई भी फील्ड नहीं है जहां उनके बच्चे उस फील्ड में नहीं आते हों. इसलिए राजनीति में आकर कोई बच्चा अरने परिवार की लिगेसी को आगे बढ़ाना चाहता है तो इसमें गलत क्या हो सकता है .

कूड़ा और प्रदूषण दिल्ली के एमसीडी चुनाव में बड़े मुद्दे दिखाई पड़ रहे हैं. आपकी पार्टी इस मुद्दे पर क्या राय रखती है क्योंकि बीजेपी और आम आदमी पार्टी एक दूसरे पर आरोप मढ़ने का काम कर रही हैं ?

जवाब- 9 सालों में दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली को प्रदूषण में नंबर वन बना दिया है. अपने कार्यकाल में प्रदूषण के लेकर परमानेंट समाधान ढ़ूंढ़ने की कोशिश कभी नहीं की गई है. कभी बच्चों को प्ले कार्ड लेकर खड़ा किया तो कभी ऑड और इवन लगाकर और ग्रेप वन,टू और थ्री थोपकर जनता को परेशान किया गया है. आखिरकार जनता कब तक इसे बर्दाश्त करेगी. दिल्ली में शीला दीक्षित की सरकार ने दिल्ली को केरोसीन मुक्त बनाया था वहीं ऑटो टैक्सी को सीएनजी में कन्वर्ट करना आसान नहीं था. लेकिन इसको किया गया और मेट्रो वन और टू को पूरा कर दिल्ली में ग्रीन कवर को लेकर प्लानिंग की गई. दिल्ली की वर्तमान सरकार तो आरएसएस की तर्ज पर यमुना की आरती करने में जुटी है. यहां से बहने वाली दो तीन किलोमीटर की नदी साफ नहीं हो पाई है. यही वजह है एनजीटी ने प्रदूषण के लिए 900 करोड़ की पैनाल्टी लगाई है.

दिल्ली में गंदगी के कुतुब मिनार खड़े हो रहे हैं और यहां के सांसद नमामि गंगे प्रोजेक्ट को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं. बीजेपी के सांसदों और दिल्ली की सरकार को हर चीज का हिसाब जनता के सामने देना पड़ेगा. इतना ही नहीं दिल्ली में माइनॉरिटी और दलित विरोधी परिसीमन किया गया जिसे अरविंद केजरीवाल का मौन समर्थन प्राप्त था. इसलिए कोविड और सीएए-एनआरसी के दरमियान दिल्ली के सीएम का चेहरा सामने आ चुका है. मुझे लगता है कि प्रदूषण बनाम मेरी चमकती दिल्ली के बीच जनता जरूर कांग्रेस के नारे के साथ जाएगी और दिल्ली को फिर से चमकाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी.

लेकिन जनता क्या आपको नहीं पूछेगी कि दिल्ली को इस स्थिति में लाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की भी है क्योंकि कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल को समर्थन साल 2013 में दिया था ?

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जवाब- हमने आम आदमी पार्टी को स्वराज, महिलाओं की सुरक्षा और दिल्ली को बेहतर बनाने के नाम पर समर्थन देने का काम किया था. शीला दीक्षित के खिलाफ भला बुरा बोलने वाले अरविंद केजरीवाल की स्थिति अब जनता के सामने स्पष्ट हो चुकी है. शीला दीक्षित काम करती थीं लेकिन अपने काम के प्रचार में 18 से 20 करोड़ मुश्किल से खर्च करती थीं. दिल्ली के सीएम सिर्फ प्रचार करते हैं और 500 करोड़ इस मद में जनता का बिना काम किए बर्बाद करते हैं. दिल्ली को जितना खूबसूरत शीला दीक्षित ने बनाया था उसे अरविंद केजरीवाल ने बर्बाद कर दिया है. इसलिए दिल्ली की महान जनता शहर की खूबसूरती को वापस लाने और प्रदुषण मुक्त दिल्ली बनाने के लिए कांग्रेस की तरफ हाथ जरूर बढ़ाएगी.

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