After Air India Tata Group likely to buy bisleri become largest brand with himalayan | हवा के बाद अब पानी पर भी TATA का कब्जा, आखिर क्यों बने Bisleri की पहली पंसद

एअर इंडिया, विस्तारा, एयर एशिया इंडिया जैसी एयरलाइंस के साथ जहां टाटा ग्रुप आसमान का राजा बन चुका है. वहीं उम्मीद है कि पानी के बाजार पर भी टाटा का कब्जा हो, वजह बि​सलेरी अपना कारोबार बेचना चाहती है.

हवा के बाद अब पानी पर भी TATA का कब्जा, आखिर क्यों बने Bisleri की पहली पंसद

बिसलेरी की पहली पसंद बना टाटा ग्रुप, जल्द हो सकता है सौदा

Image Credit source: File Photo

एअर इंडिया (Air India) के अधिग्रहण के बाद टाटा ग्रुप (Tata Group) ने जहां हवा के बाजार यानी एयरलाइंस मार्केट में एकछत्र राज बनाने में सफलता हासिल की है. संभव है कि बहुत जल्द वह देश में बोतलबंद पानी के मार्केट पर भी कब्जा जमा ले. इसकी वजह है रमेश चौहान अपने कारोबार को बेचना चाहते हैं, जो देश में बोतलबंद पानी के सबसे बड़े ब्रांड बिसलेरी (Bisleri) के मालिक हैं. रमेश चौहान की पहली पसंद टाटा ग्रुप है, इस​का एक खास कारण उन्होंने खुद बताया है टाटा को कारोबारों को संभालने का पूरा इतिहास रहा है.

टाटा क्यों है पहली पसंद?

ईटी ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि रमेश चौहान 7,000 करोड़ रुपये में​ बिसलेरी का सौदा कर सकते हैं. हालांकि बाद में पीटीआई से की बातचीत में रमेश चौहान ने बताया कि सौदे को लेकर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, पर उनकी पसंद टाटा समूह है.

रमेश चौहान ने कहा कि बिसलेरी को खरीदने में रिलायंस रिटेल, नेस्ले से लेकर डेनोन तक ने दिलचस्पी दिखाई है. पर उन्हें लगता है कि टाटा ग्रुप उनके कारोबार की और भी बेहतर तरीके से देखभाल करेगा. इसे आगे बढ़ाएगा.

चौहान का कहना है कि उन्हें टाटा का कल्चर पसंद है, इसलिए अन्य खरीदारों के बावजूद उन्होंने टाटा को चुना. वैसे रमेश चौहान की इस बात में दम है, क्योंकि टाटा का पुराने कारोबारों की विरासत को संभालने या फिर डूबते बिजनेस को सफल बिजनेस में बदल देने का जमशेदजी टाटा के समय से ही कल्चर रहा है.

विरासत संभालने का रहा है ​इतिहास

डूबते कारोबार को संभालना हो या पुरानी विरासत को, टाटा इसमें हमेशा आगे रहा है. जमशेदजी टाटा के समय में ही टाटा ग्रुप की कपड़ा बनाने की एम्प्रेस मिल थी. बाद में उन्होंने 1886 में कारोबार बढ़ाने के लिए 4 साल से घाटे में चल रही धर्मसी मिल को खरीद लिया.

इसका नाम उन्होंने ‘स्वदेशी मिल’ रखा, लेकिन इसे खरीदना उनके लिए घाटे का सौदा साबित हुआ. पर जमशेदजी टाटा ने हार नहीं मानी, उन्होंने इस मिल को बचाने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया, यहां तक की एम्प्रेस मिल की कुछ हिस्सेदारी भी बेच दी, बाद में उनका ये त्याग रंग लाया और स्वदेशी मिल कपड़ा उद्योग उनके लिए चमकता सितारा बन गया.

इसी प्रथा को मौजूदा समय में रतन टाटा ने भी जारी रखा. साल 2000 में उन्होंने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी चाय कंपनी टेटली का अधिग्रहण किया. बाद में घाटे में चल रहे फोर्ड कंपनी के जगुआर और लैंड रोवर (Jaguar Land Rover) जैसे कार ब्रांड को बचाया.

इतना ही नहीं लंबे समय से घाटे में चल रही ब्रिटेन की कोरस स्टील का अधिग्रहण भी किया और हाल—फिलहाल में एअर इंडिया के अधिग्रहण में भी उनकी अहम भूमिका रही.

हवा, नमक, पानी सब टाटा का

टाटा ग्रुप के पास एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस, एयर एशिया इंडिया और विस्तारा जैसे एयरलाइंस ब्रांड हैं. वहीं टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कंपनी नमक, चाय, कॉफी, मसाले, दाल, रेडी—टू—ईट, रेटी—टू—कुक जैसी कई कैटेगरी में काम करती है. इसमें टाटा सॉल्ट का तो जैसे नमक के बाजार पर राज है. अब बोतलबंद पानी की दुनिया में भी ऐसा ही होने जा रहा है.

बिसलेरी जहां भारत का सबसे बड़ा बोतलबंद पानी ब्रांड है. वहीं टाटा ग्रुप के पास ‘हिमालयन’ नाम का मिनरल वाटर ब्रांड है. इस कैटेगरी में उतरने वाली टाटा पहली कंपनी थी.

इसके बाद बिसलेरी ने ‘वेदिका’ ब्रांड नाम से मिनरल वाटर लॉन्च किया था. इसके अलावा टाटा के पास ‘टाटा कॉपर प्लस वाटर’ ब्रांड भी है. ये भी बोतलबंद पानी कैटेगरी में अच्छा खासा दखल रखता है.

साल 2021 में भारत में पैकेज्ड वाटर मार्केट का साइज करीब 20 हजार करोड़ रुपये का था. बिसलेरी के पास मार्केट की 32 प्रतिशत हिस्सेदारी है. यानी टाटा के इस ब्रांड को खरीदने के बाद बोतलबंद पानी के मार्केट में हिमालयन और टाटा कॉपर प्लस वाटर ब्रांड के साथ और भी बड़ी हिस्सेदारी होगी.

ये भी पढ़ें



English Headline: After Air India, Tata Group likely to buy Bisleri.

techo2life

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *